ग्राम प्रधान पर लगे मनमानी के आरोप
चोपन /सोनभद्र।जिले के चोपन ब्लॉक अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नेवारी में सरकारी योजनाओं के कथित बंदरबांट का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट से राहत देने के लिए स्वीकृत सोलर पंप और पानी की टंकियों के आवंटन में भारी अनियमितता बरते जाने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों और पंचायत सदस्यों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मुख्य बिंदु:
ग्राम पंचायत नेवारी (चोपन ब्लॉक, सोनभद्र) में 5 सोलर पंप और टंकियों के आवंटन में धांधली।
मुख्य आरोप


वर्तमान ग्राम प्रधान पर नियमों को ताक पर रखकर चहेतों और रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप।
शिकायत
जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग।
बिना बैठक और प्रस्ताव के बांटी गईं योजनाएं
शिकायतकर्ताओं और ग्राम सभा के सदस्यों का आरोप है कि वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। ये सभी 5 सोलर पंप और टंकियां आम जनता तक पेयजल पहुंचाने के बजाय प्रधान के करीबियों और उनके घरों के पास लगवाई जा रही हैं।
नियमों के अनुसार इस प्रकार के विकास कार्यों का प्रस्ताव खुली ग्राम सभा में पारित होना अनिवार्य है, परंतु इस मामले में:
कोई भी ग्राम सभा की बैठक नहीं बुलाई गई।
पंचायत सदस्यों या आम ग्रामीणों से किसी प्रकार की सहमति नहीं ली गई।
पारदर्शिता के अभाव में आम जनता इस बुनियादी सुविधा से वंचित नजर आ रही है।
ग्रामीणों की दो टूक
निष्पक्ष जांच हो और हो पारदर्शी आवंटन
इस तानाशाही रवैये से क्षुब्ध ग्रामीणों और ग्राम सभा सदस्यों ने पंचायती राज विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की है कि
सोलर पंपों की स्थापना के चल रहे कार्यों पर तुरंत रोक लगाई जाए।
पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए।
नियमों का पालन करते हुए जरूरतमंद और सार्वजनिक स्थलों पर पारदर्शी तरीके से इनका आवंटन सुनिश्चित किया जाए।
